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सॉफ्टवेयर से एक-दूसरे की जासूसी कर रहे हैं पति-पत्नी ...

 भारत में भी हो रहा इस्तेमाल

जॉय (परिवर्तित नाम) ने बताया कि ये सब उस वक्त शुरू हुआ, जब उन्हें लगा कि उनके पति को उनके दोस्तों के बारे में कई निजी बाते पता हैं। जॉय बताती हैं, "मैं हैरान हो जाती थी कि उन्हें कई ऐसी बाते पता हैं, जो बहुत ही प्राइवेट थीं। उन्हें पता था कि सारा का एक बच्चा है, जो शायद मुझे भी पता नहीं होना चाहिए था।" वो कहती हैं, "जब मैं उनसे पूछती थी कि तुम्हें ये सब कैसे पता है। तो वो कहते थे कि मैंने ही उन्हें बताया है और मुझ पर आरोप लगाते थे कि मैं भूल जाती हूं।"
जॉय इस सोच में भी पड़ गईं कि उनके पति को हर वक्त कैसे पता होता है कि वो कहां हैं। "कई बार मेरे पति ने कहा कि उन्होंने मुझे अपने दोस्तों के साथ एक कैफे में देखा और वो वहां से गुजर रहे थे। मैं हर चीज पर सवाल करने लगी और किसी पर भरोसा नहीं कर पा रही थी। मेरे दोस्तों पर भी नहीं।" कुछ महीनों में ये बहुत ज़्यादा होने लगा। जॉय पहले ही अपने शादीशुदा रिश्ते में मुश्किलों से गुज़र रही थीं, लेकिन इन घटनाओं के बाद उनकी जिंदगी एक बुरे सपने की तरह हो गई। और एक फैमिली ट्रिप के बाद उनका ये रिश्ता खत्म हो गया।
जॉय याद करती हैं, "हमारी वो ट्रिप अच्छी चल रही थी। हमारा छह साल का बेटा खेल रहा था और बहुत खुश था।" "मेरे पति ने फार्म की एक तस्वीर खींची थी, वो दिखाने के लिए उन्होंने मुझे फोन दिया। उसी बीच उनके फोन की स्क्रीन पर मैंने एक अलर्ट देखा।" उस पर लिखा था, "जॉय के मैक की डेली रिपोर्ट तैयार है।" "मैं सन्न रह गई। एक मिनट के लिए तो मेरी सांसे थम गई। मैंने खुद को संभाला और कहा कि मैं बाथरूम जाकर आती हूं। मुझे अपने बेटे की वजह से वहां रुकना पड़ा। और मैंने ऐसे नाटक किया जैसे मैंने कुछ देखा ही नहीं।"
जॉय बताती हैं, "जितनी जल्दी हो सका, मैं कंप्यूटर का इस्तेमाल करने लाइब्रेरी गई और जो स्पाइवेयर (जासूस करने वाला सॉफ्टवेयर) इस्तेमाल किया था, उसके बारे में पता किया। उसके बाद मुझे पता चला कि महीनों से जिस बात को सोच-सोचकर मैं पागल हुई जा रही थी, वो क्या था। "स्टॉकरवेयर, जिसे स्पाउसवेयर भी कहा जाता है, एक शक्तिशाली सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है, जिसके जरिए किसी पर निगरानी रखी जा सकती है। ये इंटरनेट पर बहुत आसानी से खरीदे जा सकते हैं।
जॉय बताती हैं, "जितनी जल्दी हो सका, मैं कंप्यूटर का इस्तेमाल करने लाइब्रेरी गई और जो स्पाइवेयर (जासूस करने वाला सॉफ्टवेयर) इस्तेमाल किया था, उसके बारे में पता किया। उसके बाद मुझे पता चला कि महीनों से जिस बात को सोच-सोचकर मैं पागल हुई जा रही थी, वो क्या था। "स्टॉकरवेयर, जिसे स्पाउसवेयर भी कहा जाता है, एक शक्तिशाली सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है, जिसके जरिए किसी पर निगरानी रखी जा सकती है। ये इंटरनेट पर बहुत आसानी से खरीदे जा सकते हैं।
कैस्पर्सकी रिसर्चर कहते हैं कि प्रोटेक्शन टेक्नोलॉजी ने इस साल अबतक 37,532 उपकरणों में स्टॉकरवेयर होने का पता लगाया है। और लीड सिक्योरिटी रिसर्चर डेविड एम कहते हैं कि ये बहुत ही गंभीर समस्या है और मामला इससे कहीं ज़्यादा बड़ा है। वो कहते हैं, "ज्यादातर लोग अपने लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर की तो सुरक्षा करते हैं, लेकिन कई लोग अपने मोबाइल डिवाइस को प्रोटेक्ट नहीं करते हैं।" कैस्पर्सकी की सिसर्च के मुताबिक स्टॉकरवेयर का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल रूस में किया जाता है। इसके बाद भारत, ब्राजील, अमरीका और जर्मनी जैसे देश हैं।

 

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