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एम्स निदेशक डॉ.गुलेरिया ने जताई आशंका  ...

सार

एम्स के निदेशक ने कहा कि भारत में मृत्यु दर यूरोप के कई देशों से कम। इस मामले में भारत की तुलना यूरोपीय देशों से नहीं कर सकते। आने वाले समय में मामले कम होने के बावजूद संक्रमण का खतरा बना रहेगा।

विस्तार

दिल्ली- देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में सबके जहन में यही सवाल है कि कब तक इस महामारी पर काबू पाया जाएगा। इस संबंध में एम्स, दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि अभी भारत में कोरोना वायरस का चरम (पीक) पर आना बाकी है। 

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि देश में केस लगातार बढ़ जरूर रहे हैं, लेकिन आबादी को देखते हुए यह होना ही था। उन्होंने कहा कि लोग इस मामले में भारत की तुलना यूरोपीय देशों से नहीं कर सकते। यूरोप में दो-तीन देशों को मिलाकर जितनी आबादी है, उतनी अकेले भारत की है। 
फिर भी भारत में मृत्यु दर यूरोप के कई देशों से कम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मामले कम होने के बावजूद संक्रमण का खतरा बना रहेगा। लिहाजा जरूरी है कि लोग अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। 

कोरोना जांच के विषय में उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में ज्यादा से ज्यादा जांच बेशक जरूरी है, लेकिन संक्रमण को रोकने का यह इकलौता तरीका नहीं है। सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचाव के जो नियम बनाए हैं, लोगों को उनका पालन करना होगा। 

एम्स के सात कर्मचारियों ने कोरोना को हराया

एम्स, दिल्ली के करीब 200 कर्मचारी कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जबकि इन कर्मचारियों के करीब 300 परिजन भी पॉजिटिव मिले हैं। ऐसे में रविवार को एक राहत देने की खबर आई है कि एम्स के सात कर्मचारियों ने वायरस को हराकर जंग जीत ली है। 

एम्स के आरपी सेंटर की मेस में तैनात कर्मचारी अब स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। रविवार को चार कर्मचारी डिस्चार्ज हुए जबकि एक दिन पहले शनिवार को तीन कर्मचारियों को डिस्चार्ज किया गया था। 

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