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कलेक्टर के व्यवहार से सोशल मीडिया में आक्रोश ...

लोगों ने शर्मा को पागल कहा, सरकार से की कार्रवाई की मांग, बवाल मचा तो मांगी माफी

छत्तीसगढ़ में सूरजपुर जिले के कलेक्टर रणबीर शर्मा का एक वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मचा हुआ है। वीडियो में कलेक्टर एक युवक को थप्पड़ मारते और पुलिस वालों से पिटवाते नजर आ रहे हैं। कलेक्टर ने वीडियो रेकॉर्डिंग के संदेह में युवक का मोबाइल भी पटक कर तोड़ दिया। इसके वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके खिलाफ एफआईआर से लेकर उन्हें सस्पेंड तक करने की मांग कर रहे हैं। वीडियो पर मचे हंगामे के बाद कलेक्टर ने माफी मांगी है।
घटना शनिवार दोपहर की है जब कलेक्टर लॉकडाउन का पालन कराने खुद गश्त पर निकले थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात एक युवक से हुई। कलेक्टर ने उससे कुछ पूछा और फिर जाने दिया। वे खुद भी अपनी कार की ओर बढ़ने लगे। तभी उन्हें कुछ अंदेशा हुआ और घूम कर तेजी से युवक के पास पहुंचे। उसका मोबाइल मांगा और उसे सड़क पर पटक दिया। फिर युवक को एक जोरदार थप्पड़ लगाया।

कलेक्टर को लगा कि युवक शायद उनकी वीडियो रेकॉर्डिंग कर रहा है। इसी संदेह में उन्होंने पुलिसकर्मियों को भी युवक की पिटाई करने का संकेत दिया। पुलिस वालों ने युवक पर लाठियां बरसा दीं। इसके बाद कलेक्टर यह कहते हुए गाड़ी में जाकर बैठ गए कि इसके खिलाफ एफआईआर कराओ।

कलेक्टर के कोप का शिकार बनते हुए युवक बार-बार कहता रहा कि वो टेस्ट कराने गया था, लेकिन कलेक्टर साहब अलग ही मूड में थे। उन्होंने युवक की एक नहीं सुनी। बहरहाल घटना के थोड़ी देर बाद ही इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कलेक्टर के व्यवहार से आक्रोशित लोग उन्हें निलंबित करने तक की मांग करने लगे। कई लोगों ने उन्हें पागल तक करार दिया और प्रदेश सरकार से उनके इलाज की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
कलेक्टर रणबीर शर्मा को लोगों के गुस्से का पता चला तो उन्हें मामला बिगड़ने का अंदेशा होने लगा। देर शाम उन्होंने बयान जारी कर कहा कि वे अपने व्यवहार से शर्मिंदा हैं। उन्होंने पिटाई खाने वाले युवक के साथ आम लोगों से भी माफी मांगी है। हालांकि, इससे पहले कलेक्टर ने अपनी बात सही भी साबित करने की कोशिश की। एक अखबार से बातचीत में कलेक्टर ने वीडियो के एडिटेड होने का आरोप भी लगाया था, लेकिन शाम होते-होते उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया।

कलेक्टर के माफी मांगने के बाद भी लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा। वे उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर शर्मा कई बार अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहते हैं। साल 2015 में उन पर रिश्वतखोरी का आरोप भी लग चुका है। उन्हें एक पटवारी से 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था। शर्मा उस समय भानुप्रतापपुर में सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट थे। उस समय शर्मा का ट्रांसफर भी किया गया था।

 

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