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इनकम टैक्‍स रिटर्न भरने से पहले जुटा लें जरूरी डॉक्‍युमेंट् ...

वरना होगी बड़ी दिक्‍कत

नई दिल्‍ली-: भारत में हर टैक्‍सपयर को इनकम टैक्स देना जरूरी होता है। वहीं, देश के हर नागरिक को इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरूरी है, भले ही आप टैक्स स्लैब के अंदर ना आते हों। आईटीआर कार लोन और होम लोन के लिए आवेदन करते समय काम आने वाला अहम दस्तावेज है। हालांकि, ITR फाइल करना थकाऊ प्रक्रिया लगता है, लेकिन सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ इसे आसान बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि परेशानी से बचने के लिए इनकम टैक्‍स रिटर्न भरने से पहले कौन से डॉक्‍युमेंट्स जुटाना जरूरी है।

कंपनी, बैंक, पोस्‍ट ऑफिस से जुटाएंं ये दस्‍तावेज

आईटीआर फॉर्म भरने से पहले टैक्‍सपेयर को कंपनी की ओर से मिलने वाला फॉर्म-16 हासिल कर लेना चाहिए। इसमें करदाता की आय और निवेश का पूरा ब्‍योरा उपलब्‍ध रहता है। इसके अलावा अगर आपने बैंक और पोस्ट ऑफिस में डिपॉजिट किया है और उस पर आपको आमदनी हो रही है तो ब्याज का प्रमाण पत्र जुटा लेना चाहिए। असेसमेंट ईयर के दौरान किए गए सभी तरह के निवेश के दस्‍तावेज आईटीआर भरते समय अपने पास होने चाहिए।

ITR भरने में ये डॉक्‍युमेंट्स भी होते हैं जरूरी

टैक्‍सपेयर्स को आसानी से आईटीआर भरने के लिए टैक्‍स क्रेडिट स्‍टेटमेंट यानी फॉर्म-26AS  जुटा लेना चाहिए। इसके अलावा आईटीआर भरने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड  और सैलरी स्लिप सबसे अहम दस्‍तावेज हैं। वहीं, अगर आपने घर खरीदने के लिए कर्ज लिया है तो लोन स्‍टेटमेंट अपने पास रखें। इनकम टैक्‍स में सेक्‍शन-80D और 80U के तहत छूट का दावा करने के लिए प्रूफ होना जरूरी है। बता दें कि टैक्सेबल आय वाले रजिस्टर्ड टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स रिटर्न भरना ही चाहिए।

टैक्स डिडक्‍शन रिटर्न के लिए चाहिए ये डॉक्‍युमेंट

कोरोना वायरस के कारण इस साल सरकार ने टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाते हुए 30 नवंबर तक कर दी थी, जिसमें 2019-20 वित्त वर्ष शामिल है। अब इसे 31 दिसंबर 2020 कर दिया गया है। टैक्स डिडक्‍शन रिटर्न के लिए PAN कार्ड, टैक्स भुगतान चालान (सेल्फ असेसमेंट, एडवांस टैक्स), TDS सर्टिफिकेट (अगर किसी ने आपका TDS काटा हो), फॉर्म 16, सैलरी स्लिप, फॉर्म 26AS जैसे दस्‍तावेजों की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा पूंजी लाभ प्रमाण दस्तावेज, इंटरेस्ट इनकम सर्टिफिकेट, सेक्शन-80 के तहत किए गए इन्वेस्टमेंट प्रूफ भी चाहिए। अगर किसी वित्त वर्ष का इनकम टैक्स रिटर्न तय तारीख के भीतर फाइल नहीं किया जाए तो ITR फाइलिंग में देरी के लिए 10,000 रुपये तक लेट फीस का प्रावधान किया गया है।

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