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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से प्रशासन को परामर्श जारी ...

केंद्र सरकार ने दिए निर्देश, राज्य करते थे देरी 

देश में कुछ राज्यों में वैध दस्तावेजों के बावजूद मॉडलों के निरीक्षण की वजह से गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में देरी होती है। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे मोटर वाहन कानून के नियमों के तहत वाहनों का पंजीकरण करें। केंद्र ने वाहनों के पंजीकरण में हो रही देरी की वजह से इसका संज्ञान लिया। 

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस बारे में राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को परामर्श जारी किया है। मंत्रालय ने कहा, "सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के प्रशासन को परामर्श जारी किया है कि वे केंद्रीय मोटर वाहन कानून, 1988 के तहत अधिसूचित नियमों के अंतर्गत वाहनों का पंजीकरण करें।" 

मंत्रालय ने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि कुछ राज्यों में वैध टाइप मंजूरी होने के बावजूद वाहनों का पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। राज्य परिवहन विभाग पंजीकरण से पहले प्रत्येक मॉडल के वाहन का निरीक्षण कर रहा है। मंत्रालय ने कहा कि 'वाहन' प्रणाली में ऐसी व्यवस्था है कि विनिर्माता वैध प्रकार के मंजूरी प्रमाणपत्र के आधार पर ही वाहन भेजते हैं। 

किसी वाहन के आकार-प्रकार पर विवाद होने की कोई वजह होने पर ही मॉडल का निरीक्षण किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के परिवहन विभागों से आग्रह है कि वे वाहन टाइप मंजूरी प्रमाणपत्र और फॉर्म 22 उपलब्ध कराने पर वाहनों का पंजीकरण कर दें।

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