




ताजमहल खुलने के साथ 21 सितंबर से छूट और बढ़ेगी ...
ये पाबंदियां होंगी खत्म
ताजमहल और आगरा किला खुलने के साथ ही 21 सितंबर से छूट और बढ़ेगी। धर्मस्थल, ट्रेनिंग सेंटर, उच्च शिक्षण संस्थान पर छह माह से लटके ताले भी खुल जाएंगे। सामूहिक रूप से राजनीतिक व सामाजिक गतिविधियां फिर शुरू होंगी। छह महीने से स्मारकों में ही नहीं, पर्यटन कारोबार में भी सन्नाटा है। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि स्मारक खुलने से ताजनगरी की रौनक लौट आएगी।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक 21 सितंबर से कई प्रतिबंधों में छूट मिलेगी। एक तरफ ताजमहल खुलेगा, दूसरी तरफ परास्नातक छात्रों के लिए शिक्षण संस्थान में भी आवाजाही शुरू हो सकती है।
मंदिर-मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु पूजा-पाठ कर सकेंगे। भीड़ नियंत्रण की बंदिश नहीं रहेगी। लेकिन कोरोना से बचाव के लिए नियमों का पालन करना पड़ेगा। विवाह समारोह में मेहमानों की संख्या 30 से बढ़कर 100 हो जाएगी। मैरिज होम की बुकिंग हो सकेगी। सामाजिक, धार्मिक व राजनीति समारोहों में अधिकतम 100 लोग आ जा सकेंगे।
जब 21 सितंबर को ताजमहल और आगरा किला खुलेंगे तो शहर की रौनक भी लौट आएगी। पर्यटन उद्यमियों को उम्मीद है कि ताज खुलने के साथ उम्मीदों से भरी एक नई सुबह होगी। ताजमहल में वो कशिश है कि दुनिया भर से इसके दीवाने खिंचे चले जाते हैं।
इस फैसले से एक नई शुरुआत हुई
गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक दान ने कहा कि छह महीने से हम लोग घर पर खाली बैठे हैं। रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। ताज-किला खोलने से पहले भले ही 300 से 400 लोग आ रहे हों, लेकिन अब नई शुरुआत तो हुई। धीमे-धीमे पर्यटकों की संख्या बढ़ ही जाएगी।
ताज के दीवाने हैं लोग, बढ़ेंगे पर्यटक
टूरिज्म गिल्ड के उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना ने कहा कि एक सितंबर से जितने भी स्मारक खोले गए उनमें सबसे ज्यादा महताब बाग में लोग पहुंचे, क्योंकि लोगों को ताजमहल की झलक देखनी थी। ताज के दीवाने हैं लोग। जब ताजमहल खुल जाएगा तो निश्चित रूप से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। हालांकि पहले जैसे पर्यटक तो नहीं आएंगे लेकिन फिर भी धीमे-धीमे उनकी संख्या बढ़ेगी।
पर्यटन ट्रेनें और घरेलू उड़ानें शुरू की जाएं
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रह्लाद अग्रवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को खोला जाना बेहद जरूरी है। इनके बिना देश और दुनिया से लोग आगरा तक कैसे पहुंचेंगे। ताजमहल खुलने के साथ ही पर्यटन ट्रेनों को भी शुरू किया जाना जरूरी है। तभी इसका फायदा स्मारकों को मिल पाएगा।
हालात सामान्य होने पर ही मिलेगा फायदा
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने कहा कि जब देश भर में 100 मरीज थे तब ताजमहल बंद कर दिया गया। जब सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाए और हालात सामान्य होने लगें, तब ताजमहल खोला जाना चाहिए था। अभी ना पर्यटक आ रहे हैं और ना ही पर्यटन उद्योग को इसका कोई फायदा होगा।
Leave a Reply