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शाहीन बाग की तर्ज पर दिल्ली में पांच जगह प्रदर्शन शुरू ...

13वें दिन भी जारी रहा सीएए के खिलाफ धरना 

कानपुर: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ महिलाओं का धरना चमनगंज स्थित मोहम्मद अली पार्क में 13वें दिन भी जारी रहा। रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की पूर्व छात्राओं ने भी इसमें शिरकत की।
छात्राओं का प्रतिनिधि मंडल प्रयागराज में चल रहे कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद यहां पहुंचा। इस मौके पर ‘हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई-आपस में सब भाई-भाई’, ‘सीएए पर हल्ला बोल, हल्ला बोल’ आदि नारे लगाए गए। सीएए के खिलाफ मोहम्मद अली पार्क में शाम चार बजे से रात आठ बजे तक चलने वाला धरना रविवार को दो घंटे अधिक देर तक चला।

इसमें बाबूपुरवा, जाजमऊ, सुजातगंज, रेलबाजार आदि क्षेत्र की महिलाओं ने शिरकत की। इस मौके पर हुई सभा में महिलाओं ने कहा कि जब तक सीएए वापस नहीं होता वे धरना समाप्त नहीं करेंगी।

डीयू और जेएनयू की पूर्व छात्रओं ने सीएए के संबंध में बताया और कहा कि शाहीन बाग दिल्ली में भी महिलाओं ने आंदोलन की बागडोर संभाल रखी है। इस मौके पर आराधना शुक्ला, गीता देवी, सबीना परबीन, साजिया बेगम, वैशाली, मीनाक्षी आदि रहीं। 

चमनगंज मोहम्मद अली पार्क की तर्ज पर कानपुर के एक और क्षेत्र बाबुपुरवा में भी चाचा नेहरू पार्क में महिलाओं द्वारा शांतिपूर्ण सीएए का विरोध प्रदर्शन चालू कर दिया है। प्रदेश एवं देश के अन्य प्रांतों में भी महिलाओं बच्चों बुज़ुर्गो द्वारा इस प्रकार के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन निरंतर जारी है एवं दिन प्रतिदिन ऐसे प्रदर्शनों की संख्या बढ़ती जा रही है।

सीएए के खिलाफ दिल्ली में और पांच जगह प्रदर्शन शुरू

नागरिकता संसोधित कानून (सीएए) के खिलाफ जामिया मिल्लिया, शाहीन बाग, खुरेजी और तुर्कमान गेट के बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, चांद बाग, मुस्तफाबाद, खजूरी की श्रीराम कॉलोनी और कर्दमपुरी में आंदोलन शुरू हो गया। यहां महिलाएं धरने पर बैठ गई हैं। उनका कहना है कि इस काले कानून को वापस लेने तक उनका प्रदर्शन चलेगा। चुनाव के समय वोट की राजनीति न हो, इसलिए यहां से नेताओं को दूर ही रखा जा रहा है।

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